Dharma Sangrah

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

श्री श्रीपादवल्लभाची आरती

दिगंबरा दिगंबरा श्रीपाद वल्लभ दिगंबरा
दिगंबरा दिगंबरा श्रीपाद वल्लभ दिगंबरा। आरती हे तव चरणी राहो।।
आरती हे तव चरणी राहो नति तति गुरुवरा।। दिगंबरा दिगंबरा।।
 
दिग्भरवेष्टितमबभ्रमेव प्रत्य्म्ब्रम्हेती । खं ब्रह्मेति श्रुतिरपि वदति ।
खं ब्रह्मेति श्रुतिरपि वदति दिगंबराचेती ।।१।।
 
दिगवत चाम्बरमेव व्यापक पूर्णब्रह्मेती । 
सच्चित्सुखघनमायातीत सच्चितसुखघनमायातींत दिगंबरा व‍दति ।।२।।
 
श्रीपादवल्लभ नाम प्राप हि नक्रगजेंद्रमिव ।
द्रोपद्मम्बरीषचोर द्रोपद्मम्बरीषचोर ग्रसितद्विजमेव ।।३।।
 
दिगंबरा गुरु वासुदेव दत्तस्तवं ब्रह्म। कामक्रोध ग्रसित मा लभ । 
कामक्रोध ग्रसित मा लभ तथैव झटिती वह।।४।।  

Share this Story:

Follow Webdunia marathi

पुढील लेख

दत्ताची आरती: दत्तात्रय अवधूत जनार्दन स्वामी एकनाथ