Religion Hinduism Aratisangrah 0708 16 1070816006_1.htm

suvichar

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

श्री शंकर आरती

श्री शंकर आरती
जय देव जय देव श्रीमंगेशा।
पंचारति ओवाळू सदया सर्वेशा ।।धृ।।

सदया सगुणा शंभो अजिनांबरधारी।
गौरीरमणा आद्या मदनांतकारी।।
त्रिपुरारी अधहारी शिवमस्तकधारी।
विश्वंभर विरुदे हें नम संकट धारीं ।।जय।।

भयकृत भयनाशन ही नामें तुज देवा।
विबुधादिक कमळासन वांछिती तव सेवा।।
तुझे गुण वर्णाया वाटतसे हेवा।
अभिनय कृपाकटाक्षें मतिउत्सव द्यावा।।जय ।।2।।

शिव शिव जपता शिव तू करिसी निजदासा।
संकट वारी मम तूं करी शत्रुविनाशा।।
कुळवृद्धीते पाववी हीच असे आशा।
अनंतसुत वांछितसे चरणांबुजलेशा।।जय।।3।।

Share this Story:

Follow Webdunia marathi