Dharma Sangrah

Maa Narmada Arti: नर्मदा आईची आरती

Webdunia
शुक्रवार, 19 फेब्रुवारी 2021 (13:43 IST)
ॐ जय जगदानन्दी, मैया जय आनंद कन्दी।
ब्रह्मा हरिहर शंकर, रेवा शिव हरिशंकर
रुद्रौ पालन्ती।
ॐ जय जगदानन्दी (1)
 
देवी नारद सारद तुम वरदायक, अभिनव पदण्डी।
सुर नर मुनि जन सेवत, सुर नर मुनि...
शारद पदवाचन्ती।
ॐ जय जगदानन्दी (2)
 
देवी धूमक वाहन राजत, वीणा वाद्यन्ती।
झुमकत-झुमकत-झुमकत,
झननन झमकत रमती राजन्ती।
ॐ जय जगदानन्दी (3)
देवी बाजत ताल मृदंगा,
सुर मण्डल रमती।
तोड़ीतान-तोड़ीतान-तोड़ीतान,
तुरड़ड़ रमती सुरवन्ती।
ॐ जय जगदानन्दी (4)
 
देवी सकल भुवन पर आप विराजत,
निशदिन आनन्दी।
गावत गंगा शंकर, सेवत रेवा
शंकर तुम भट मेटन्ती।
ॐ जय जगदानन्दी (5)
मैयाजी को कंचन थार विराजत,
अगर कपूर बाती।
अमर कंठ में विराजत
घाटन घाट बिराजत
कोटि रतन ज्योति।
ॐ जय जगदानन्दी (6)
 
मैयाजी की आरती
निशदिन पढ़ गा‍वरि,
हो रेवा जुग-जुग नरगावे
भजत शिवानन्द स्वामी
जपत हरिनंद स्वामी मनवांछित पावे।
ॐ जय जगदानन्दी (7)

संबंधित माहिती

सर्व पहा

नवीन

आरती मंगळवारची

५ मे मंगळवार आज अंगारक चतुर्थी, या प्रकारे करा गणेश, मारुती आणि मंगळ ग्रहाची पूजा

गौरीगिरीशस्तोत्रम्- Gaurigirisha Stotram

सोमवारी महामृत्युंजय जप करणे आरोग्यासाठी फायदेशीर

आरती सोमवारची

सर्व पहा

नक्की वाचा

Chhatrapati Sambhaji Maharaj Jayanti 2026 Speech in Marathi धर्मवीर छत्रपती संभाजी महाराज जयंती भाषण

शरीराला उर्जावान ठेवण्यासाठी, दररोज या योगांचा सराव करा

पंचतंत्र : मूर्खांचा समूह

घरात भाजी नसेल तर पटकन बनवा साधी सोपी व झटपट होणारी कुरडईची भाजी : मराठमोळी चव!

Vastu Tips झोपण्याची योग्य दिशा तुमचे नशीब बदलू शकते

पुढील लेख
Show comments