Dharma Sangrah

श्री सीता चालीसा : सीता नवमी या एका उपायाने प्रसन्न होईल देवी

Webdunia
सोमवार, 5 मे 2025 (10:44 IST)
प्रत्येक वर्षी वैशाख महिन्याच्या शुक्ल पक्षाच्या नवमी तिथीला सीता नवमी सण साजरा केला जातो. धार्मिक मान्यतेनुसार या दिवशी देवी सीता यांच्या जन्म झाला होता. सीता मातेला जानकी या नावाने ओळखलं जातं. या जन्मोत्सवाला सीता नवमी किंवा जानकी नवमी म्हटलं जातं. सीता या प्रभू श्रीरामांच्या धर्म पत्नी आहे व आपल्या त्याग व सर्मपणासाठी पूजनीय आहे. की नवमी तिथि को सीता नवमी का पर्व मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन मां सीता का जन्म हुआ था। मां सीता के जन्मोत्सव को सीता नवमी या जानकी नवमी के नाम से जाना जाता है। माता सीता को मां जानकी नाम से भी जाना जाता है। माता सीता भगवान श्री राम की धर्मपत्नी हैं और अपने त्याग और समर्पण के लिए पूजनीय हैं। यंदा 21 मे रोजी सीता नवमी असून या दिवशी सीता चालीसा पाठ केल्याने आईची विशेष कृपा प्राप्त होते.
 
श्री सीता चालीसा
॥ दोहा ॥
बन्दौ चरण सरोज निज जनक लली सुख धाम, राम प्रिय किरपा करें सुमिरौं आठों धाम ॥
 
कीरति गाथा जो पढ़ें सुधरैं सगरे काम, मन मन्दिर बासा करें दुःख भंजन सिया राम ॥
॥ चौपाई ॥
 राम प्रिया रघुपति रघुराई बैदेही की कीरत गाई ॥
 चरण कमल बन्दों सिर नाई, सिय सुरसरि सब पाप नसाई ॥
 जनक दुलारी राघव प्यारी, भरत लखन शत्रुहन वारी ॥
 दिव्या धरा सों उपजी सीता, मिथिलेश्वर भयो नेह अतीता ॥
 सिया रूप भायो मनवा अति, रच्यो स्वयंवर जनक महीपति ॥
भारी शिव धनु खींचै जोई, सिय जयमाल साजिहैं सोई ॥
भूपति नरपति रावण संगा, नाहिं करि सके शिव धनु भंगा ॥
जनक निराश भए लखि कारन , जनम्यो नाहिं अवनिमोहि तारन ॥
यह सुन विश्वामित्र मुस्काए, राम लखन मुनि सीस नवाए ॥
आज्ञा पाई उठे रघुराई, इष्ट देव गुरु हियहिं मनाई ॥
जनक सुता गौरी सिर नावा, राम रूप उनके हिय भावा ॥
मारत पलक राम कर धनु लै, खंड खंड करि पटकिन भू पै ॥
जय जयकार हुई अति भारी, आनन्दित भए सबैं नर नारी ॥
सिय चली जयमाल सम्हाले, मुदित होय ग्रीवा में डाले ॥
मंगल बाज बजे चहुँ ओरा, परे राम संग सिया के फेरा ॥
लौटी बारात अवधपुर आई, तीनों मातु करैं नोराई ॥
कैकेई कनक भवन सिय दीन्हा, मातु सुमित्रा गोदहि लीन्हा ॥
कौशल्या सूत भेंट दियो सिय, हरख अपार हुए सीता हिय ॥
सब विधि बांटी बधाई, राजतिलक कई युक्ति सुनाई ॥
मंद मती मंथरा अडाइन, राम न भरत राजपद पाइन ॥
कैकेई कोप भवन मा गइली, वचन पति सों अपनेई गहिली ॥
चौदह बरस कोप बनवासा, भरत राजपद देहि दिलासा ॥
आज्ञा मानि चले रघुराई, संग जानकी लक्षमन भाई ॥
सिय श्री राम पथ पथ भटकैं , मृग मारीचि देखि मन अटकै ॥
राम गए माया मृग मारन, रावण साधु बन्यो सिय कारन ॥
भिक्षा कै मिस लै सिय भाग्यो, लंका जाई डरावन लाग्यो ॥
राम वियोग सों सिय अकुलानी, रावण सों कही कर्कश बानी ॥
हनुमान प्रभु लाए अंगूठी, सिय चूड़ामणि दिहिन अनूठी ॥
अष्ठसिद्धि नवनिधि वर पावा, महावीर सिय शीश नवावा ॥
सेतु बाँधी प्रभु लंका जीती, भक्त विभीषण सों करि प्रीती ॥
चढ़ि विमान सिय रघुपति आए, भरत भ्रात प्रभु चरण सुहाए ॥
अवध नरेश पाई राघव से, सिय महारानी देखि हिय हुलसे ॥
रजक बोल सुनी सिय बन भेजी, लखनलाल प्रभु बात सहेजी ॥
बाल्मीक मुनि आश्रय दीन्यो, लवकुश जन्म वहाँ पै लीन्हो ॥
विविध भाँती गुण शिक्षा दीन्हीं, दोनुह रामचरित रट लीन्ही ॥
लरिकल कै सुनि सुमधुर बानी,रामसिया सुत दुई पहिचानी ॥
भूलमानि सिय वापस लाए, राम जानकी सबहि सुहाए ॥
सती प्रमाणिकता केहि कारन, बसुंधरा सिय के हिय धारन ॥
अवनि सुता अवनी मां सोई, राम जानकी यही विधि खोई ॥
पतिव्रता मर्यादित माता, सीता सती नवावों माथा ॥
 
॥ दोहा ॥
जनकसुत अवनिधिया राम प्रिया लवमात, चरणकमल जेहि उन बसै सीता सुमिरै प्रात ॥

संबंधित माहिती

सर्व पहा

नवीन

Sai Baba Puja Mantra गुरुवारी करा साईबाबांची पूजा, उपवासाचे नियम मंत्र जाणून घ्या

Akshaya Tritiya 2026 सोने किंवा चांदी खरेदी करणे शक्य नसेल तर अक्षय तृतीयेला ही 10 रुपयाची वस्तू घरी आणा आणि तितकेच पुण्य मिळवा!

Budh Stotra लक्ष्य साध्य करण्यासाठी बुध स्तोत्र पाठ

आरती बुधवारची

Varuthini Ekadashi 2026 वरुथिनी एकादशी व्रत कधी? जाणून घ्या अचूक तारीख, शुभ मुहूर्त आणि पूजेची पद्धत

सर्व पहा

नक्की वाचा

स्वर्ग आणि नरक खरंच असतात का? जाणून घ्या सत्य

Wheat Storage Tips: अशा प्रकारे साठवा गहू; वर्षभर सुरक्षित राहील एकही कीड लागणार नाही

What is Box Breathing फक्त ४ सेकंदात मिळवा मानसिक शांती: जाणून घ्या बॉक्स ब्रीदिंगची जादू

एप्रिल ते जूनच्या सुट्ट्यांमध्ये भारतातील या अद्भुत सणांना आवर्जून भेट द्या; ज्यामुळे तुमची सहल अविस्मरणीय ठरेल

Salt vastu remedies घरात लोक सतत आजारी पडत असतील तर एकदा हे नक्की करुन बघा

पुढील लेख
Show comments