suvichar

श्री शनि अष्टकम् Shri Shani Ashtak

Webdunia
सोमवार, 20 जानेवारी 2025 (12:38 IST)
नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठ निभाय च।
नम: कालाग्निरूपाय कृतान्ताय च वै नम:।
 
नमो निर्मांस देहाय दीर्घश्मश्रुजटाय च।
नमो विशालनेत्राय शुष्कोदर भयाकृते।
 
नम: पुष्कलगात्राय स्थूलरोम्णेऽथ वै नम:।
नमो दीर्घाय शुष्काय कालदंष्ट्र नमोऽस्तु ते।
 
नमस्ते कोटराक्षाय दुर्नरीक्ष्याय वै नम:।
नमो घोराय रौद्राय भीषणाय कपालिने।
 
नमस्ते सर्वभक्षाय बलीमुख नमोऽस्तु ते।
सूर्यपुत्र नमस्तेऽस्तु भास्करेऽभयदाय च।
 
अधोदृष्टे: नमस्तेऽस्तु संवर्तक नमोऽस्तु ते।
नमो मन्दगते तुभ्यं निस्त्रिंशाय नमोऽस्तुते।
 
तपसा दग्ध-देहाय नित्यं योगरताय च।
नमो नित्यं क्षुधार्ताय अतृप्ताय च वै नम:।
 
ज्ञानचक्षुर्नमस्तेऽस्तु कश्यपात्मज-सूनवे।
तुष्टो ददासि वै राज्यं रुष्टो हरसि तत्क्षणात्।
 
देवासुरमनुष्याश्च सिद्ध-विद्याधरोरगा:।
त्वया विलोकिता: सर्वे नाशं यान्ति समूलत:।
 
प्रसाद कुरु मे सौरे ! वारदो भव भास्करे।
एवं स्तुतस्तदा सौरिर्ग्रहराजो महाबल:।
ALSO READ: शन्यष्टक

संबंधित माहिती

सर्व पहा

नवीन

सोमवारी पूजा करताना महादेवाच्या या मंत्राचा जप करावा

Mahadev Aarti शंकराची आरती : लवथवती विक्राळा ब्रह्मांडी माळा

आरती सोमवारची

रविवार: या गोष्टी लक्षात ठेवा, पूर्ण आठवडा आनंदी राहाल

रविवारची आरती.... जयदेव जयदेव जय (श्री) म्हाळसापती

सर्व पहा

नक्की वाचा

अधिक मासात मुलीने आईची ओटी का भरावी? जाणून घ्या धार्मिक कारण

Adhik Maas 2026 Upay अधिक मासात ३३ दिवे लावण्यामागील रहस्य: ३३ कोटी देवतांचा आशीर्वाद प्राप्त करा

तणाव व्यवस्थापन करण्यासाठी जीवनशैलीत हे बदल करा

इयत्ता ११वीत विज्ञान, वाणिज्य की कला तुमच्यासाठी कोणती शाखा सर्वोत्तम आहे जाणून घ्या

रेशमी साडी खरेदी करताना फसवणुकीला बळी पडू नका, अशी तपासा

पुढील लेख
Show comments