Dharma Sangrah

अम्बे तू है जगदम्बे काली... आरती श्री दुर्गाजी

Webdunia
सोमवार, 22 सप्टेंबर 2025 (15:28 IST)
अम्बे तू है जगदम्बे काली,जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुण गावें भारती,ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
 
तेरे भक्त जनो पर माताभीर पड़ी है भारी।
दानव दल पर टूट पड़ो माँकरके सिंह सवारी॥
सौ-सौ सिहों से बलशाली,है अष्ट भुजाओं वाली,
दुष्टों को तू ही ललकारती।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
 
माँ-बेटे का है इस जग मेंबड़ा ही निर्मल नाता।
पूत-कपूत सुने हैपर ना माता सुनी कुमाता॥
सब पे करूणा दर्शाने वाली,अमृत बरसाने वाली,
दुखियों के दुखड़े निवारती।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
 
नहीं मांगते धन और दौलत,न चांदी न सोना।
हम तो मांगें तेरे चरणों मेंछोटा सा कोना॥
सबकी बिगड़ी बनाने वाली,लाज बचाने वाली,
सतियों के सत को संवारती।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
 
चरण शरण में खड़े तुम्हारी,ले पूजा की थाली।
वरद हस्त सर पर रख दो माँसंकट हरने वाली॥
माँ भर दो भक्ति रस प्याली,अष्ट भुजाओं वाली,
भक्तों के कारज तू ही सारती।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥

संबंधित माहिती

सर्व पहा

नवीन

आरती सोमवारची

रविवार: या गोष्टी लक्षात ठेवा, पूर्ण आठवडा आनंदी राहाल

रविवारची आरती.... जयदेव जयदेव जय (श्री) म्हाळसापती

रविवारी करा आरती सूर्याची

एकादशी हे व्रत पूर्ण फळदायी व्हावे यासाठी काही विशेष नियम पाळणे आवश्यक मानले जाते

सर्व पहा

नक्की वाचा

अधिक मासात मुलीने आईची ओटी का भरावी? जाणून घ्या धार्मिक कारण

Adhik Maas 2026 Upay अधिक मासात ३३ दिवे लावण्यामागील रहस्य: ३३ कोटी देवतांचा आशीर्वाद प्राप्त करा

तणाव व्यवस्थापन करण्यासाठी जीवनशैलीत हे बदल करा

इयत्ता ११वीत विज्ञान, वाणिज्य की कला तुमच्यासाठी कोणती शाखा सर्वोत्तम आहे जाणून घ्या

रेशमी साडी खरेदी करताना फसवणुकीला बळी पडू नका, अशी तपासा

पुढील लेख
Show comments