अश्वपती पुसता झाला।। नारद सागंताती तयाला।। अल्पायुषी सत्यवंत।। सावित्री ने कां प्रणीला।। आणखी वर वरी बाळे।। मनी निश्चय जो केला।। आरती वडराजा।।1।। दयावंत यमदूजा। सत्यवंत ही सावित्री। भावे करीन मी पूजा। आरती वडराजा ।।धृ।। ज्येष्ठमास त्रयोदशी। करिती पूजन वडाशी ।। त्रिरात व्रत करूनीया। जिंकी तू सत्यवंताशी। आरती वडराजा ।।2।।...