rashifal-2026

श्री सीता चालीसा : सीता नवमी या एका उपायाने प्रसन्न होईल देवी

Webdunia
सोमवार, 5 मे 2025 (10:44 IST)
प्रत्येक वर्षी वैशाख महिन्याच्या शुक्ल पक्षाच्या नवमी तिथीला सीता नवमी सण साजरा केला जातो. धार्मिक मान्यतेनुसार या दिवशी देवी सीता यांच्या जन्म झाला होता. सीता मातेला जानकी या नावाने ओळखलं जातं. या जन्मोत्सवाला सीता नवमी किंवा जानकी नवमी म्हटलं जातं. सीता या प्रभू श्रीरामांच्या धर्म पत्नी आहे व आपल्या त्याग व सर्मपणासाठी पूजनीय आहे. की नवमी तिथि को सीता नवमी का पर्व मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन मां सीता का जन्म हुआ था। मां सीता के जन्मोत्सव को सीता नवमी या जानकी नवमी के नाम से जाना जाता है। माता सीता को मां जानकी नाम से भी जाना जाता है। माता सीता भगवान श्री राम की धर्मपत्नी हैं और अपने त्याग और समर्पण के लिए पूजनीय हैं। यंदा 21 मे रोजी सीता नवमी असून या दिवशी सीता चालीसा पाठ केल्याने आईची विशेष कृपा प्राप्त होते.
 
श्री सीता चालीसा
॥ दोहा ॥
बन्दौ चरण सरोज निज जनक लली सुख धाम, राम प्रिय किरपा करें सुमिरौं आठों धाम ॥
 
कीरति गाथा जो पढ़ें सुधरैं सगरे काम, मन मन्दिर बासा करें दुःख भंजन सिया राम ॥
॥ चौपाई ॥
 राम प्रिया रघुपति रघुराई बैदेही की कीरत गाई ॥
 चरण कमल बन्दों सिर नाई, सिय सुरसरि सब पाप नसाई ॥
 जनक दुलारी राघव प्यारी, भरत लखन शत्रुहन वारी ॥
 दिव्या धरा सों उपजी सीता, मिथिलेश्वर भयो नेह अतीता ॥
 सिया रूप भायो मनवा अति, रच्यो स्वयंवर जनक महीपति ॥
भारी शिव धनु खींचै जोई, सिय जयमाल साजिहैं सोई ॥
भूपति नरपति रावण संगा, नाहिं करि सके शिव धनु भंगा ॥
जनक निराश भए लखि कारन , जनम्यो नाहिं अवनिमोहि तारन ॥
यह सुन विश्वामित्र मुस्काए, राम लखन मुनि सीस नवाए ॥
आज्ञा पाई उठे रघुराई, इष्ट देव गुरु हियहिं मनाई ॥
जनक सुता गौरी सिर नावा, राम रूप उनके हिय भावा ॥
मारत पलक राम कर धनु लै, खंड खंड करि पटकिन भू पै ॥
जय जयकार हुई अति भारी, आनन्दित भए सबैं नर नारी ॥
सिय चली जयमाल सम्हाले, मुदित होय ग्रीवा में डाले ॥
मंगल बाज बजे चहुँ ओरा, परे राम संग सिया के फेरा ॥
लौटी बारात अवधपुर आई, तीनों मातु करैं नोराई ॥
कैकेई कनक भवन सिय दीन्हा, मातु सुमित्रा गोदहि लीन्हा ॥
कौशल्या सूत भेंट दियो सिय, हरख अपार हुए सीता हिय ॥
सब विधि बांटी बधाई, राजतिलक कई युक्ति सुनाई ॥
मंद मती मंथरा अडाइन, राम न भरत राजपद पाइन ॥
कैकेई कोप भवन मा गइली, वचन पति सों अपनेई गहिली ॥
चौदह बरस कोप बनवासा, भरत राजपद देहि दिलासा ॥
आज्ञा मानि चले रघुराई, संग जानकी लक्षमन भाई ॥
सिय श्री राम पथ पथ भटकैं , मृग मारीचि देखि मन अटकै ॥
राम गए माया मृग मारन, रावण साधु बन्यो सिय कारन ॥
भिक्षा कै मिस लै सिय भाग्यो, लंका जाई डरावन लाग्यो ॥
राम वियोग सों सिय अकुलानी, रावण सों कही कर्कश बानी ॥
हनुमान प्रभु लाए अंगूठी, सिय चूड़ामणि दिहिन अनूठी ॥
अष्ठसिद्धि नवनिधि वर पावा, महावीर सिय शीश नवावा ॥
सेतु बाँधी प्रभु लंका जीती, भक्त विभीषण सों करि प्रीती ॥
चढ़ि विमान सिय रघुपति आए, भरत भ्रात प्रभु चरण सुहाए ॥
अवध नरेश पाई राघव से, सिय महारानी देखि हिय हुलसे ॥
रजक बोल सुनी सिय बन भेजी, लखनलाल प्रभु बात सहेजी ॥
बाल्मीक मुनि आश्रय दीन्यो, लवकुश जन्म वहाँ पै लीन्हो ॥
विविध भाँती गुण शिक्षा दीन्हीं, दोनुह रामचरित रट लीन्ही ॥
लरिकल कै सुनि सुमधुर बानी,रामसिया सुत दुई पहिचानी ॥
भूलमानि सिय वापस लाए, राम जानकी सबहि सुहाए ॥
सती प्रमाणिकता केहि कारन, बसुंधरा सिय के हिय धारन ॥
अवनि सुता अवनी मां सोई, राम जानकी यही विधि खोई ॥
पतिव्रता मर्यादित माता, सीता सती नवावों माथा ॥
 
॥ दोहा ॥
जनकसुत अवनिधिया राम प्रिया लवमात, चरणकमल जेहि उन बसै सीता सुमिरै प्रात ॥

संबंधित माहिती

सर्व पहा

नवीन

वसंत पंचमी हा खरा 'भारतीय व्हॅलेंटाईन डे' आहे का? जाणून घ्या रहस्य

Surya Kavacham Stotra खूप प्रभावी आणि शुभ सूर्य कवच

Vasant Panchami 2026 Wishes in Marathi वसंत पंचमीच्या शुभेच्छा

Sant Tukaram Maharaj Jayanti 2026 जगद्गुरू संत तुकाराम महाराज जयंती विशेष

Vasant Panchami Special Recipe: केशरी भात

सर्व पहा

नक्की वाचा

Shri Surya Stuti श्री सूर्य स्तुती

मुलांसाठी सरस्वती देवीशी संबंधित सुंदर आणि अर्थपूर्ण नावे

27 वर्षांनंतर शनीचे नक्षत्र परिवर्तन : 17 मे पर्यंत कोणत्या राशींना होणार मोठे लाभ आणि कोणाला होणार नुकसान?

भात खाल्ल्यानंतर झोप का येते? कारण आणि सेवन करण्याची योग्य पद्धत काय जाणून घ्या

प्रजासत्ताक दिन विशेष मुलांसाठी बनवा 'तिरंगा' संकल्पनेवर आधारित चार विशेष पाककृती

पुढील लेख
Show comments