बाल योगी भये रूप लिए तब, आदिनाथ लियो अवतारों। ताहि समे सुख सिद्धन को भयो, नाती शिव गोरख नाम उचारो॥ भेष भगवन के करी विनती तब अनुपन शिला पे ज्ञान विचारो । को नही जानत है जग मे जती गोरखनाथ है नाम तुम्हारो ॥ सत्य युग मे भये कामधेनु गौ...