जन्मता पांडुरंगे | जिव्हेवरी लिहिले | शतकोटी अभंग | प्रमाण कवित्व रचिले || १ || जय जयाजी भक्तरायां | जिवलग नामया | आरती ओवाळिता | चित्त पालटे काया || धृ.|| घ्यावया भक्तिसुख | पांडुरंगे अवतार |धरुनियां तीर्थमिषें | केला जगाचा उद्धार || जय.|| २ || प्रत्यक्ष प्रचीती...